यात्रा संस्मरण:-शेष विश्व के लिए अनदेखा अनजाना बेहतरीन पर्यटन-स्थल :कोस्टा रीका

-चन्द्रकान्त पाराशर लिमोन/कोस्टा रीका(मध्य अमेरिका)21सितम्बर2021* एक बहुत सुंदर और सुरक्षित देश है कोस्टा रीका, इसलिए इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि यह पर्यटकों विशेषकर प्रकृतिप्रेमी व शान्त जीवन यापन करने वाले प्रवासियों की पसंद के रडार पर बना ही रहता है। वैसे भूगोल के हिसाब से उत्तरी अमरीका एवं दक्षिणी अमेरिका को जोड़ने […]

 7,609 total views,  21 views today

Continue Reading

—-“ओ जाने वाले हो सके तो लौट के आना” -मुकेश जी की पुण्यतिथि पर विशेष!

अमेरिका डेट्रॉइट शहर में आज ही के दिन 1976 में (27 अगस्त) मिशीगन में दिल का दौरा पड़ने के बाद सांसो ने साथ छोड़ दिया और वो दुनिया ए मौसीक़ी और जहान ए आह ओ सोज़ में एक ऐसी खला रिक्तता भर गए जो फिर कभी पूरी नही हो सकेगी “जब सजी दर्द,सोग की महफ़िलतेरे […]

 818 total views

Continue Reading

शहनाई के जादूगर उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की पुण्यतिथि पर विशेष- “उस्ताद की प्रिय गायिकाएं”

शहनाई उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की पुण्यतिथि 21 अगस्त पर उनकी स्मृतियों को नमन ! ध्रुव गुप्त शहनाई के जादूगर उस्ताद बिस्मिल्लाह खां अपने दौर की तीन गायिकाओं के मुरीद थे। उनमें पहली थी बनारस की रसूलन बाई। किशोरावस्था में वे बड़े भाई शम्सुद्दीन के साथ काशी के बालाजी मंदिर में रियाज़ करने जाते थे। रास्ते […]

 818 total views

Continue Reading

……स्वामी विवेकानंद का संगीत

स्वामी जी के अनुसार ‘संगीत ईश्वर को स्मृति में रखने का सबसे कारगर साधन है। यह सबसे ऊंची कला है। जो इसे समझते हैं वे भक्ति के सबसे ऊंचे सोपान पर हैं।’ ध्रुव गुप्त भारतीय अध्यात्म के कुछ शिखर पुरुषों में एक नरेन्द्र दत्त उर्फ़ स्वामी विवेकानंद की आध्यात्मिक उपलब्धियों, प्रेरक व्यक्तित्व और विलक्षण भाषण-शैली […]

 1,125 total views,  2 views today

Continue Reading

शहंशाह ए जज़्बात:दिलीप कुमार साहब का 98 वर्ष की उम्र में निधन,सत्यजीत रॉय ने उन्हें ‘द अल्टीमेट मेथड एक्टर ‘की दी थी संज्ञा

वो पहले अभिनेता थे जिन्होंने साबित किया कि बगैर शारीरिक हावभाव और संवादों के सिर्फ चेहरे की भंगिमाओं, आंखों और यहां तक कि ख़ामोशी से भी अभिनय किया जा सकता है। ऐ मेरे दिल कहीं और चल ! ध्रुव गुप्त आज अंततः हिंदी सिनेमा के पहले महानायक दिलीप कुमार का 98 साल की उम्र में […]

 536 total views

Continue Reading

…….जो हमने दास्तां अपनी सुनाई !रूमानी नग़मों के शायर राजा मेंहदी अली खान!

राजा साहब के लिखे कुछ कालजयी गीत हैं – मेरी याद में तुम न आंसू बहाना, मेरा सुन्दर सपना बीत गया, बदनाम ना हो जाए मुहब्बत का फ़साना, मैं प्यार का राही हूं, आप यूं ही अगर हमसे मिलते रहे, जीत ही लेंगे बाज़ी हम तुम, मैं निगाहें तेरे चेहरे से हटाऊं कैसे, है इसी […]

 238 total views

Continue Reading

…….तुझे याद हो कि न याद हो !24 फरवरी तलत महमूद की जयंती पर विशेष!

पिछली सदी के तीसरे दशक में मात्र सोलह साल की उम्र में ग़ज़ल गायक के तौर पर अपनी पहचान बनाने वाले तलत को फिल्मों में पहचान मिली अनिल बिस्वास के संगीत निर्देशन में फिल्म ‘आरजू’ में दिलीप कुमार के लिए गाए गीत ‘ऐ दिल मुझे ऐसी जगह ले चल’ से। ध्रुव गुप्त दिल में उतर […]

 234 total views

Continue Reading

देख तेरे संसार की हालत क्या हो गयी भगवान:कवि प्रदीप की जयंती पर विशेष

स्व. प्रदीप की जयंती (6 फरवरी) पर उन्हें हार्दिक श्रद्धांजलि ! सिनेमा में उनकी पहचान बनी 1943 की फिल्म ‘किसमत’ के गीत ‘दूर हटो ऐ दुनिया वालों हिंदुस्तान हमारा है’ से। इस गीत के लिए तत्कालीन ब्रिटिश सरकार ने उनकी गिरफ्तारी का आदेश दिया था जिसकी वज़ह से प्रदीप को अरसे तक भूमिगत रहना पड़ा […]

 246 total views

Continue Reading

येशु दास:ऐसे गायक जिनके सुर गले से नहीं,रूह से उठते हैं!

पश्चिमी संगीत के शोर में अरसे से हिंदी सिनेमा के परिदृश्य से ओझल येशुदास के जन्मदिन (10 जनवरी) पर उनके सुरीले जीवन की शुभकामनाएं ! इतना सब कुछ हासिल करने के बावज़ूद उनकी एक तमन्ना रह गई कि वो केरल के मशहूर गुरुवायुर मन्दिर में बैठकर कृष्ण की स्तुति गाएं। मन्दिर के नियमों के अनुसार […]

 268 total views

Continue Reading

……क़िस्मत से तुम हमको मिले हो !6जनवरी ए आर रहमान के जन्मदिन पर विशेष !

फिल्मकार मणि रत्नम की फिल्मों – रोजा, बॉम्बे, दिल से, गुरु आदि ने शुरुआत में उन्हें वह आकाश दिया जहां उन्होंने ऊंची-ऊंची उड़ाने भरी। अपने छोटे से कैरियर में चार राष्ट्रीय और पंद्रह फिल्मफेयर पुरस्कारों के अलावा दो ग्रैमी पुरस्कार, गोल्डन ग्लोब अवार्ड और ऑस्कर हासिल करने वाले रहमान पहले भारतीय हैं। ध्रुव गुप्त भारतीय […]

 280 total views

Continue Reading