कपिलवस्तु महोत्सव;इक अजब ख़ुश्बू लुटाता धान है काला नमक

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सिद्धार्थनगर,13 मार्च।इण्डो नेपाल पोस्ट

कपिलवस्तु महोत्सव के प्रथम दिवस आयोजित स्थानीय कवि सम्मेलन में स्थानीय कवियों, शायरों ने ख़ूब वाहवाही लूटी. डाक्टर नरेंद्र पटेल ने नदी के साथ हों तो दरख़्त सूख जाते हैं, किनारे रूठ जाते हैं, सुनाकर कवि सम्मेलन का शानदार आग़ाज़ किया. मशहूर स्थानीय शायर नियाज़ कपिलवस्तुवी ने बुद्ध भूमि की ऐतिहासिक धरोहर काला नमक चावल का बखान करते हुए अपनी रचना- बात तो कुछ ख़ास ही है नियाज़ इसके भात में, दाल चटनी संग भी पकवान है काला नमक, सुनाकर माहौल में काला नमक की ख़ुश्बू फैलाने का काम किया. जनपद की नवोदित कवयित्री सलोनी उपाध्याय ने मातृशक्ति को सलाम करते हुए सीता भी मैं हूँ, दुर्गा भी मैं हूँ, हर युग में मैं सशक्त रही हूँ, सुनाकर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई. पंकज सिद्धार्थ ने जीत में भी हार है तो क्या हुआ, जैसी सशक्त रचना पेश कर ख़ूब वाहवाही लूटी. राम प्रकाश गौतम, अरूणेश विश्वकर्मा, मदन अकेला, विजय कृष्ण नारायण सिंह आदि की रचनाएँ भी ख़ूब सराही गयीं.

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