मौलाना अबुल कलाम आजाद देश विभाजन के प्रबल विरोधी थे:-मु.इब्राहिम

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मौलाना आज़ाद की 133वीं जयंती पर हुआ गोष्ठी का आयोजन

सग़ीर ए खाकसार

बढ़नी, सिद्धार्थनगर,11 नवंबर।इण्डो नेपाल पोस्ट

मौलाना आजाद देश विभाजन के कड़े विरोधी थे वह धर्म के आधार पर राष्ट्रीयता के भी प्रबल विरोधी थे।उन्होंने देश की आज़ादी के लिए खुद को समर्पित कर दिया था।उनके जन्म दिवस को देश मे शिक्षा दिवस के रूप में मनाया जाता है।

यह विचार मोहम्मद इब्राहिम बाबा ने व्यक्त किया।युवा चेतना अवार्ड से सम्मानित इब्राहिम अबुल कलाम आजाद की जयंती पर आयोजित एक गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।इब्राहिम ने कहा कि मौलाना कौमी यकजहती के हिमायती थे और हिन्दू मुस्लिम एकता के प्रतीक थे।

गोष्ठी का आयोजन बृहस्पतिवार को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मौलाना अब्दुल कयूम रहमानी फाउंडेशन के बैनर तले ग्राम दुधवनियाँ बुजुर्ग में आयोजित किया गया था।गोष्ठी को संबोधित करते हुए मौलाना अब्दुल रशीद ने प्रमुख वक्ता के रूप में कहा कि मौलाना आजाद मुत्ताहिदा हिंदुस्तानी कौमीयत के अलंबरदार थे उन्होंने मौलाना आजाद के विचारों को विस्तार से रखा ।मौलाना रशीद ने कहा कि मौलाना आज़ाद ने तकनीकी ,और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करते हुए आई आई टी ,यूजीसी ,आईबीएम ,साहित्य कला एकेडमी आदि की स्थापना की थी।वो हिन्दू मुस्लिम एकता के पक्षधर थे।वो भारत को एक आधुनिक और विकसित देश के रूप में देखना चाहते थे।देश की आज़ादी के लिए उन्होंने खुद को समर्पित कर दिया था।

कार्यक्रम का संचालन गालिब बिसेन ने किया।इस मौके पर खलकुल्ला खान,अनिरुद्ध पाठक पूर्व प्रधान,हैदर आलम पूर्व प्रधान, इश्तियाक चौधरी, अन्नू खान,अनंतराम पाठक, जिगर आलम ,एहतेशाम अहमद, इमरान नेता आदि लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे अंत में फाउंडेशन के अध्यक्ष बदरे आलम ने लोगों का आभार व्यक्त किया।

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