गोरखपुर:सहायक निदेशक हस्तशिल्प अधिकारी ने शिल्प बाजार का किया अवलोकन

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उत्पाद में बेहतर कर करे आय में इजाफा: अब्दुल्लाह

अशफ़ाक़ अहमद

गोरखपुर,31 जनवरी।इण्डो नेपाल पोस्ट

हस्तशिल्प बाजार में वुड कार्विंग, भदोही का कॉलिंन समेत विभिन्न वस्तुओं की खरीदारी व्यापक पैमाने पर हो रही है। वही पर आज दस दिवसीय हस्तशिल्प बाजार का अवलोकन व निरीक्षण सहायक निदेशक हस्तशिल्प अब्दुल्लाह ने किया। उन्होने शिल्पीयों से उनका परिचय भी जाना और उन्हें अपने उत्पाद में बेहतर करने को कहा ताकि शिल्पीयों के आय में इजाफा हो सके। उन्होंने कहा कि शिल्प बाजार का आयोजन होते रहना चाहिए। इससे घरों में सिमटी हुई कारीगरी बाहर निकल कर आती है। वर्तमान परिवेश में अभी भी कुछ कारीगरी घरों में दब कर रह गई है जिसका एक बेहतर माध्यम शिल्प बाजार का आयोजन है ताकि बुनकर अपने उत्पाद का बेहतर प्रदर्शन कर सके।

शिल्प बाजार के आयोजक देवी प्रसाद त्रिपाठी ने बताया कि शिल्प बाजार का आयोजन दस दिन तक चलेगा। यह आयोजन विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित एवं जनता ग्रामीण सेवा संस्थान संत कबीर नगर द्वारा आयोजित किया जा रहा है। शिल्प बाजार में देश के विभिन्न राज्यों से शिल्पी अपना प्रदर्शन कर रहे हैं जिसमें विश्व प्रसिद्ध गोरखपुर का टेराकोटा, भदोही का कारपेट, ड्राई फ्लावर, खुर्जा का चीनी मिट्टी से निर्मित वस्तुएं, मधुबनी पेंटिंग, आगरा का लेदर, केले के पत्तियों की कलाकृतियां, लखनऊ का चिकन, बस्ती का प्रसिद्ध जरी, कोल्हापुरी चप्पल, जयपुर के आर्टिफिशियल ज्वेलरी, सहारनपुर के वुड कार्विंग, पिलखुआ हापुर के हैंड ब्लॉक प्रिंटिंग, फ़िरोज़ाबाद के गिलास डिजाइन, बिजनौर लकड़ी के खिलौने, बनारस के जरी से बने साड़ी और सूट, गाजीपुर का जूट क्राफ्ट, निजामाबाद का ब्लैक पाँटरी, पश्चिम बंगाल के आर्टिफिशियल ज्वेलरी आदि गृह सज्जा हेतु वस्तुए बिक्री हेतु उपलब्ध है।

अवलोकन के दौरान हस्तशिल्प संवर्धन अधिकारी रामजी त्रिपाठी, हस्तशिल्प संवर्धन अधिकारी विनय सिंह, हस्तशिल्प संवर्धन अधिकारी विशाल वर्मा, समाजसेवी डॉ सैय्यद जमाल, अजय शुक्ला, फरहान अंसारी, परवेज, कमाल अशरफ, सुनील साहनी समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।

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